राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस पर पीएम मोदी ने गांवों की प्रॉपर्टी के लेखाजोखा के लिए ‘स्वामित्व योजना’ का ऐलान कर दिया है. पीएम मोदी ने देश भर की ग्राम पंचायतों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत की है. इस दौरान इस महत्वांकाक्षी योजना का ऐलान किया है. इस योजना के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि गांवों में संपत्ति को लेकर झगड़े होते रहते हैं. इसकी एक बड़ी वजह यह होती है कि उसका कोई लेखा-जोखा नहीं होता है. लेकिन अब इस योजना में ड्रोन के जरिए देश के हर गांव में भूमि की मैपिंग ड्रोन के जरिए की जाएगी. इसके बाद भूमि का स्वामित्व का प्रमाणपत्र दिया जाएगा. इसमें एक बड़ी बात यह होगी कि पहले गांवों की जमीन पर बैंक से लोन नहीं मिलता है. लेकिन अब भूमि का प्रमाणपत्र जारी होने के बाद उस संपत्ति के जरिए लोन भी लिया जा सकेगा.
उम्मीद की जा रही है कि इस योजना के जरिए गांवों में सामाजिक जीवन पर बड़ा असर पड़ सकता है. बैंकों से लोन लेकर कई लोग अपना काम भी शुरू कर सकते हैं. हालांकि अभी इस योजना को उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और कर्नाटक सहित 6 राज्यों में शुरू किया जाएगा और समय-समय के साथ इसमें परिवर्तन किया जाएगा.

वहीं पंचायतों के कामों में भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए ई ग्राम स्वराज्य पोर्टल और ऐप लांच किया गया. इस ऐप और पोर्टल के जरिए किसी भी पंचायत को जारी किए गए फंड और उसके इस्तेमाल की पूरी जानकारी मिल सकेगी. .

6 राज्यों में स्वामित्व योजना की पायलट शुरुआत


यूपी, महाराष्ट्र, कर्नाटक हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में इस योजना को प्रारंभिक तौर पर प्रारंभ किया जा रहा है। काम करेंगे तो अनुभव आएगा, गलतियां क्या हैं वो ध्यान में आएंगी। जब इसमें सुधार हो जाएगा तो ये योजना हिंदुस्तान के हर गांव में लागू की जाएगी।

 ‘स्वामित्व योजना’ के फायदे और खास बातें-

1-  स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों की आवासीय जमीन का स्वामित्व तय करना और उसका रिकॉर्ड बनाना।

2- इस योजना की शुरुआत भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के तहत 24 अप्रैल 2020 को पंचायती राज दिवस के मौके पर की गई।

3- जब से यह सामने आया कि ग्रामीणों के पास उनकी आवासीय जमीन का कोई रिकॉर्ड नहीं और न ही इसे साबित करने के लिए उनके पास कोई दस्तावेज नहीं है। तो इसके लिए एक योजना की जरूरत महसूस की जार रही थी कि जिससे कि उस जमीन का रिकॉर्ड तय हो सके।

4- इस योजना के जरिए ग्रामीण इलाकों में लोगों को आवासीय जमीन की सम्पत्ति का अधिकार मिल सकेगा

5- ड्रोन का इस्तेमाल कर ग्रामीण इलाकों की आवासीय जमीन की पैमाइश होगी जिससे कि जमीन के मालिकाना हक पर किसी प्रकार का विवाद न रहे। इसे पूरा करने के लिए गूगल मैपिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

6 – ग्रामीण इलाकों में आवासीय संपत्ति का रिकॉर्ड बन जाने के बाद संपत्ति के मालिकों से कर वसूली भी की जा सकेगी। टैक्स से आने वाले धन से ग्रामीण इंफ्रक्सट्रक्चर के लिए इसस्तेमाल किया जा सकेगा।

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